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ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 44 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 44 • ऋचा / मन्त्र 9

6.44.9

Mantra ID: 6.44.9

द्यु॒मत्त॑मं॒ दक्षं॑ धेह्य॒स्मे सेधा॒ जना॑नां पू॒र्वीररा॑तीः । वर्षी॑यो॒ वयः॑ कृणुहि॒ शची॑भि॒र्धन॑स्य सा॒ताव॒स्माँ अ॑विड्ढि ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 6.44.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! हमें अत्यंत दीप्तिशाली बल दो. हम स्तोता लोगों के बहुत से शत्रुओं को हमसे दूर करो, अपनी श्रेष्ठ बुद्धियों द्वारा हमें उत्तम धन दो एवं धन का भोग करने के लिए हमारी रक्षा करो. (९)

EN English Translation

O Indra! Give us a very bright force. Let us remove from us many enemies of the Stota people, give us the best wealth through our best intellects and protect us to enjoy wealth. (9)

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