Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
6.47.9
वरि॑ष्ठे न इन्द्र व॒न्धुरे॑ धा॒ वहि॑ष्ठयोः शताव॒न्नश्व॑यो॒रा । इष॒मा व॑क्षी॒षां वर्षि॑ष्ठां॒ मा न॑स्तारीन्मघव॒न्रायो॑ अ॒र्यः ॥ (९)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 6.47.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे सैकड़ों संपत्तियों के स्वामी इंद्र! वहन करने में कुशल घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले विस्तृत रथ पर हमें बैठाओ. तुम हमारे लिए भांति-भांति के अन्नों में से उत्तम अन्न दो. हे धनस्वामी इंद्र! धन के विषय में कोई भी हमसे आगे न निकल सके. (९)
EN English Translation
O Indra, lord of hundreds of properties! Sit us on the wide chariot pulled by horses skilled in carrying. Give us the best of all kinds of food. O Dhanaswami Indra! No one could overtake us in terms of money. (9)