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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 20 • Mantra / Rik 19

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 20 • ऋचा / मन्त्र 19

8.20.19

Mantra ID: 8.20.19

यून॑ ऊ॒ षु नवि॑ष्ठया॒ वृष्णः॑ पाव॒काँ अ॒भि सो॑भरे गि॒रा । गाय॒ गा इ॑व॒ चर्कृ॑षत् ॥ (१९)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.20.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सौभरि ऋषि! तुम नित्य तरुण, वर्षाकारक एवं पवित्रकर्ता मरुतों की स्तुति अतिशय नवीन वावयों द्वारा उस सुंदर रूप से करो, जिस प्रकार किसान अपने बैलों की प्रशंसा करता है. (१९)

EN English Translation

O hundred sages! Praise the eternal young, rain-fed and holy Maruts with the most innovative ways in the same beautiful way that the farmer praises his oxen. (19)

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