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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 24 • Mantra / Rik 23

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 24 • ऋचा / मन्त्र 23

8.24.23

Mantra ID: 8.24.23

ए॒वा नू॒नमुप॑ स्तुहि॒ वैय॑श्व दश॒मं नव॑म् । सुवि॑द्वांसं च॒र्कृत्यं॑ च॒रणी॑नाम् ॥ (२३)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.24.23 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे व्यश्वपुत्र विश्वमना ऋषि! मानवों के दसवें प्राण, प्रशंसनीय, उत्तम, विद्वान्‌ व बार-बार नमस्कार करने योग्य इंद्र की स्तुति करो. (२३)

EN English Translation

O son of man, Vishwamana Rishi! Praise the tenth soul of human beings, the praiseworthy, the best, the learned and the worthy of greetings again and again. (23)

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