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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 25 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 25 • ऋचा / मन्त्र 4

8.25.4

Mantra ID: 8.25.4

म॒हान्ता॑ मि॒त्रावरु॑णा स॒म्राजा॑ दे॒वावसु॑रा । ऋ॒तावा॑नावृ॒तमा घो॑षतो बृ॒हत् ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.25.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

महान्‌, भली प्रकार सुशोभित, शक्तिशाली एवं सत्ययुक्त मित्र व वरुण अपने प्रकाश से यज्ञ को प्रकाशित करते हैं. (४)

EN English Translation

Great, well-groomed, powerful and truthful friends and Varuna illuminate the yajna with his light. (4)

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