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8.26.3
ता वा॑म॒द्य ह॑वामहे ह॒व्येभि॑र्वाजिनीवसू । पू॒र्वीरि॒ष इ॒षय॑न्ता॒वति॑ क्ष॒पः ॥ (३)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 8.26.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अन्नयुक्त धन वाले एवं बहुत अन्न चाहने वाले अश्विनीकुमारो! आज रात बीत जाने के बाद हम तुम्हें हव्यों द्वारा बुलाएंगे. (३)
EN English Translation
O Ashwinikumaro, who has riches and wants a lot of food! After tonight is over, we will call you by the havyas. (3)