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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 28 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 28 • ऋचा / मन्त्र 2

8.28.2

Mantra ID: 8.28.2

वरु॑णो मि॒त्रो अ॑र्य॒मा स्मद्रा॑तिषाचो अ॒ग्नयः॑ । पत्नी॑वन्तो॒ वष॑ट्कृताः ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.28.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैंने वरुण, मित्र एवं यजमान को धन देने वाले अग्नियों को वषट्‌ के द्वारा पत्नीसहित बुलाया है. (२)

EN English Translation

I have called Varun, the friends and the host along with the wives through the year. (2)

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