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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 32 • Mantra / Rik 23

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 32 • ऋचा / मन्त्र 23

8.32.23

Mantra ID: 8.32.23

सूर्यो॑ र॒श्मिं यथा॑ सृ॒जा त्वा॑ यच्छन्तु मे॒ गिरः॑ । नि॒म्नमापो॒ न स॒ध्र्य॑क् ॥ (२३)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.32.23 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! जिस प्रकार सूर्य किरणें देते हैं, उसी प्रकार तुम मुझे धन दो. जैसे जल नीचे स्थान में पहुंच जाता है उसी प्रकार मेरी स्तुतियां तुम्हारे पास पहुंचें. (२३)

EN English Translation

O Indra! Just as the sun gives me the rays, so do you give me money. Just as the water reaches the place below, so so do my praises come to you. (23)

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