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8.32.28
यो विश्वा॑न्य॒भि व्र॒ता सोम॑स्य॒ मदे॒ अन्ध॑सः । इन्द्रो॑ दे॒वेषु॒ चेत॑ति ॥ (२८)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.32.28 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
इंद्र पिए हुए सोमरस का नशा चढ़ने पर समस्त यज्ञकर्म देवों को बताते हैं. (२८)
EN English Translation
Indra tells all the yajnakarmas to the gods when the drunk Somras is drunk. (28)