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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 34 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 34 • ऋचा / मन्त्र 9

8.34.9

Mantra ID: 8.34.9

आ त्वा॑ मद॒च्युता॒ हरी॑ श्ये॒नं प॒क्षेव॑ वक्षतः । दि॒वो अ॒मुष्य॒ शास॑तो॒ दिवं॑ य॒य दि॑वावसो ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.34.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! जिस प्रकार बाज अपने दोनों पंखों को ढोता है, उसी प्रकार मतवाले हरि नामक घोड़े तुम्हें वहन करें. हे दीप्त हवि वाले इंद्र! तुम झुलोक का शासन करते हो, इसलिए द्युलोक में जाओ. (९)

EN English Translation

O Indra! Just as the hawk carries both his wings, so let the horse named Hari, who is drunk, bear you. O indra of the bright soul! You rule the jhuloka, so go to Duloka. (9)

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