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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 35 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 35 • ऋचा / मन्त्र 11

8.35.11

Mantra ID: 8.35.11

जय॑तं च॒ प्र स्तु॑तं च॒ प्र चा॑वतं प्र॒जां च॑ ध॒त्तं द्रवि॑णं च धत्तम् । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण॒ चोर्जं॑ नो धत्तमश्विना ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.35.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्विनीकुमारो! तुम शत्रुओं को जीतो, स्तोताओं की प्रशंसा एवं रक्षा करो तथा हमें संतान व धन दो. तुम उषा व सूर्य के साथ मिलकर हमें बल दो. (११)

EN English Translation

O Ashwinikumaro! You conquer the enemies, praise and protect the psalms, and give us children and money. You join Usha and Surya and strengthen us. (11)

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