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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 35 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 35 • ऋचा / मन्त्र 12

8.35.12

Mantra ID: 8.35.12

ह॒तं च॒ शत्रू॒न्यत॑तं च मि॒त्रिणः॑ प्र॒जां च॑ ध॒त्तं द्रवि॑णं च धत्तम् । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण॒ चोर्जं॑ नो धत्तमश्विना ॥ (१२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.35.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्विनीकुमारो! तुम शत्रुओं को मारो एवं मित्रों के साथ चलो. हमें संतान व धन दो. तुम उषा व सूर्य के साथ मिलकर हमें बल दो. (१२)

EN English Translation

O Ashwinikumaro! You kill your enemies and walk with your friends. Give us children and money. You join Usha and Surya and strengthen us. (12)

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