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8.35.3
विश्वै॑र्दे॒वैस्त्रि॒भिरे॑काद॒शैरि॒हाद्भिर्म॒रुद्भि॒र्भृगु॑भिः सचा॒भुवा॑ । स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण च॒ सोमं॑ पिबतमश्विना ॥ (३)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.35.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अश्चिनीकुमारो! तुम इस यज्ञ में हव्य भक्षण करने वाले तेतीस देवों, मरुतों, भृगुओं, उषा एवं सूर्य के साथ सोमरस पिओ. (३)
EN English Translation
O aschinikumaro! You should drink somras with thirty-three gods, maruts, bhrigus, usha and sun who eat havya in this yajna. (3)