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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 44 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 44 • ऋचा / मन्त्र 11

8.44.11

Mantra ID: 8.44.11

अग्ने॒ नि पा॑हि न॒स्त्वं प्रति॑ ष्म देव॒ रीष॑तः । भि॒न्धि द्वेषः॑ सहस्कृत ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.44.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शक्ति द्वारा उत्पन्न अग्नि! हिंसकों से हमारी रक्षा करो एवं शत्रुओं का भेदन करो. (११)

EN English Translation

O agni generated by power! Protect us from the violent and penetrate the enemies. (11)

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