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8.44.13
ऊ॒र्जो नपा॑त॒मा हु॑वे॒ऽग्निं पा॑व॒कशो॑चिषम् । अ॒स्मिन्य॒ज्ञे स्व॑ध्व॒रे ॥ (१३)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 8.44.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
मैं अन्न के पुत्र एवं पवित्र दीप्ति वाले अग्नि को इस हिंसाशून्य यज्ञ में बुलाता हूं. (१३)
EN English Translation
I call the son of food and the holy flame to this violenceless yagna. (13)