Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 46 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 46 • ऋचा / मन्त्र 3

8.46.3

Mantra ID: 8.46.3

आ यस्य॑ ते महि॒मानं॒ शत॑मूते॒ शत॑क्रतो । गी॒र्भिर्गृ॒णन्ति॑ का॒रवः॑ ॥ (३)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.46.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे असंख्य रक्षासाधनों वाले एवं बहुकर्मकर्ता इंद्र! स्तोता तुम्हारी महिमा को स्तुतियों द्वारा गाते हैं. (३)

EN English Translation

O Indra, who has innumerable defences and many works! The Psalms sing to your glory by hymns. (3)

卐 HinduText AI