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8.5.15
अ॒स्मे आ व॑हतं र॒यिं श॒तव॑न्तं सह॒स्रिण॑म् । पु॒रु॒क्षुं वि॒श्वधा॑यसम् ॥ (१५)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 8.5.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अश्विनीकुमारो! हमें सैकड़ों और हजारों प्रकार का, बहुतों द्वारा प्रशंसनीय एवं सबको धारण करने वाला धन वहन करके लाओ. (१५)
EN English Translation
O Ashwinikumaro! Bring us hundreds and thousands of kinds, admirable by many and bearing all the money. (15)