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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 5 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 5 • ऋचा / मन्त्र 2

8.5.2

Mantra ID: 8.5.2

नृ॒वद्द॑स्रा मनो॒युजा॒ रथे॑न पृथु॒पाज॑सा । सचे॑थे अश्विनो॒षस॑म् ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.5.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे नेताओं के समान एवं दर्शनीय अश्विनीकुमारो! तुम अपने रथ द्वारा उषा से मिलो. तुम्हारे पर्याप्त अन्न वाले रथ में तुम्हारे द्वारा इच्छा करते ही घोड़े जुड़ जाते हैं. (२)

EN English Translation

O like the leaders and the seeable AshwaniKumaro! You meet Usha by your chariot. Horses are added to your chariot with enough grain as soon as you desire. (2)

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