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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 54 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 54 • ऋचा / मन्त्र 11

8.54.11

Mantra ID: 8.54.11

स॒हस्रे॒ पृष॑तीना॒मधि॑ श्च॒न्द्रं बृ॒हत्पृ॒थु । शु॒क्रं हिर॑ण्य॒मा द॑दे ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.54.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं हजारों गायों के ऊपर धारण किए हुए, महान्‌, विस्तृत, आह्लादकारक एवं निर्मल हिरण्य को स्वीकार करता हूं. (११)

EN English Translation

I accept the great, the wide, the inspiring and the serene hiranya, held on top of thousands of cows. (11)

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