Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 58 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 58 • ऋचा / मन्त्र 9

8.58.9

Mantra ID: 8.58.9

अव॑ स्वराति॒ गर्ग॑रो गो॒धा परि॑ सनिष्वणत् । पिङ्गा॒ परि॑ चनिष्कद॒दिन्द्रा॑य॒ ब्रह्मोद्य॑तम् ॥ (९)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.58.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

घर्घर ध्वनि करता हुआ युद्ध का बाजा बज रहा है. हाथों पर बंधा हुआ गोह का चमड़ा भी शब्द कर रहा है. पीले रंग की धनुषडोरी शब्द कर रही है. इंद्र को लक्ष्य करके इस समय स्तुति बोलो. (९)

EN English Translation

The sound of the house is sounding the war. The skin of the cowher tied on the hands is also the word. Yellow is doing the word bowdry. Speak praise at this time by targeting Indra. (9)

卐 HinduText AI