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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 58 • Mantra / Rik 10

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 58 • ऋचा / मन्त्र 10

8.58.10

Mantra ID: 8.58.10

आ यत्पत॑न्त्ये॒न्यः॑ सु॒दुघा॒ अन॑पस्फुरः । अ॒प॒स्फुरं॑ गृभायत॒ सोम॒मिन्द्रा॑य॒ पात॑वे ॥ (१०)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.58.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस समय सफेद रंग की, शोभन जल देने वाली एवं बहुत अधिक बढ़ी हुई नदियां बहती हैं, उस समय तुम इंद्र के पीने के लिए सोमरस को ले जाओ. (१०)

EN English Translation

At the time when white-colored, soothing water-giving and very large-scale rivers flow, you take the Somras for Indra's drink. (10)

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