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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 6 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 6 • ऋचा / मन्त्र 11

8.6.11

Mantra ID: 8.6.11

अहं प्रत्नेन मन्मना गिरः शुम्भामि कण्ववत्‌. येनेन्द्रः शुष्ममिद्दधे. (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.6.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं अपने पिता कण्व के समान वेदरूप स्तोत्र से अपनी वाणी को अलंकृत करता हूं. इस स्तोत्र द्वारा इंद्र बल धारण करते हैं. (११)

EN English Translation

I embellish my voice with the Vedarup hymn like my father Kanva. By this hymn indra holds the force. (11)

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