Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 6 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 6 • ऋचा / मन्त्र 16

8.6.16

Mantra ID: 8.6.16

यस्त इन्द्र महीरपः स्तभूयमान आशयत्‌, नितं पद्यासु शिश्नथः. (१६)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.6.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! जो वृत्र तुम्हारे महान्‌ जल को रोक कर अंतरिक्ष में सोया था, उसे तुमने गतिशील जल के मध्य मारा था. (१६)

EN English Translation

O Indra! The circle that stopped your great waters and slept in space, you hit him in the middle of the moving waters. (16)

卐 HinduText AI