Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 61 • Mantra / Rik 10

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 61 • ऋचा / मन्त्र 10

8.61.10

Mantra ID: 8.61.10

सि॒ञ्चन्ति॒ नम॑साव॒तमु॒च्चाच॑क्रं॒ परि॑ज्मानम् । नी॒चीन॑बार॒मक्षि॑तम् ॥ (१०)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.61.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

अध्वर्यु नमस्कार के द्वारा अवनत, ऊपर स्थित चक्र वाले, सब ओर व्याप्त, नीचे की ओर द्वार वाले एवं अक्षीण अग्नि को सींचते हैं. (१०)

EN English Translation

The adhavaryu salutations irrigate the agni incarnated, with a chakra on the top, pervading all sides, with a downward doorway and an intact agni. (10)

卐 HinduText AI