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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 7 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 7 • ऋचा / मन्त्र 2

8.7.2

Mantra ID: 8.7.2

यदङ्ग तविषीयवो यामं शुभ्रा अचिध्वम्‌, नि पर्वता अहासत.. (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.7.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शक्ति के इच्छुक एवं शोभन मरुतो! जब तुम रथ में घोड़े जोड़ते हो, तब तुम्हारे भय से पर्वत भी कांप जाते हैं. (२)

EN English Translation

O godly and desirous of power, Maruto! When you add horses to the chariot, the mountains tremble with your fear. (2)

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