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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 74 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 74 • ऋचा / मन्त्र 3

8.74.3

Mantra ID: 8.74.3

अ॒यं वां॒ कृष्णो॑ अश्विना॒ हव॑ते वाजिनीवसू । मध्वः॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.74.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अन्नयुक्त धन के स्वामी अश्विनीकुमारो! यह कृष्ण नामक ऋषि मधुर सोमरस पीने के लिए तुम्हें बुलाता है. (३)

EN English Translation

O Lord of the riches, O Ashwinikumaro! It calls you to drink the sage Madhur Somras named Krishna. (3)

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