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8.80.1
क॒न्या॒३॒॑ वार॑वाय॒ती सोम॒मपि॑ स्रु॒तावि॑दत् । अस्तं॒ भर॑न्त्यब्रवी॒दिन्द्रा॑य सुनवै त्वा श॒क्राय॑ सुनवै त्वा ॥ (१)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.80.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जल की ओर स्नान हेतु जाती हुई कन्या अपाला ने मार्ग में सोमलता प्राप्त की. उसने सोमलता को घर लाते समय कहा-“मैं शक्तिशाली इंद्र के लिए तुम्हारा रस निचोड़ती हूं.” (१)
EN English Translation
Apala, a girl who was going to bathe in the water, received Somalata on the way, and while bringing somlata home, she said, "I squeeze your juice for the mighty Indra." (1)