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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 80 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 80 • ऋचा / मन्त्र 1

8.80.1

Mantra ID: 8.80.1

क॒न्या॒३॒॑ वार॑वाय॒ती सोम॒मपि॑ स्रु॒तावि॑दत् । अस्तं॒ भर॑न्त्यब्रवी॒दिन्द्रा॑य सुनवै त्वा श॒क्राय॑ सुनवै त्वा ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.80.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जल की ओर स्नान हेतु जाती हुई कन्या अपाला ने मार्ग में सोमलता प्राप्त की. उसने सोमलता को घर लाते समय कहा-“मैं शक्तिशाली इंद्र के लिए तुम्हारा रस निचोड़ती हूं.” (१)

EN English Translation

Apala, a girl who was going to bathe in the water, received Somalata on the way, and while bringing somlata home, she said, "I squeeze your juice for the mighty Indra." (1)

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