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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 81 • Mantra / Rik 14

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 81 • ऋचा / मन्त्र 14

8.81.14

Mantra ID: 8.81.14

त्वे सु पु॑त्र शव॒सोऽवृ॑त्र॒न्काम॑कातयः । न त्वामि॒न्द्राति॑ रिच्यते ॥ (१४)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.81.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे बलपुत्र इंद्र! अभिलाषापूर्ण शब्द बोलने वाले लोग तुम्हारा सहारा लेते हैं. कोई भी देव तुमसे बढ़कर नहीं हो सकता. (१४)

EN English Translation

O son of strength Indra! People who speak the words of desire take your help. No god can be greater than you. (14)

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