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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 81 • Mantra / Rik 17

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 81 • ऋचा / मन्त्र 17

8.81.17

Mantra ID: 8.81.17

यस्ते॑ चि॒त्रश्र॑वस्तमो॒ य इ॑न्द्र वृत्र॒हन्त॑मः । य ओ॑जो॒दात॑मो॒ मदः॑ ॥ (१७)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.81.17 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! हमने तुम्हारे निमित्त अतिशय कीर्ति वाला, पापों का सर्वाधिक नाशक एवं अतिशय बलदाता सोमरस निचोड़ा है. (१७)

EN English Translation

O Indra! We have squeezed for you someras, the most virtuous of the sins, and the most powerful. (17)

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