Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 81 • Mantra / Rik 18

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 81 • ऋचा / मन्त्र 18

8.81.18

Mantra ID: 8.81.18

वि॒द्मा हि यस्ते॑ अद्रिव॒स्त्वाद॑त्तः सत्य सोमपाः । विश्वा॑सु दस्म कृ॒ष्टिषु॑ ॥ (१८)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.81.18 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वज्रधारी, यथार्थ कर्म वाले, सोमरस पीने वाले एवं दर्शनीय इंद्र! सभी यजमानों के पास तुम्हारा दिया हुआ जो धन है, हम उसीको जानते हैं. (१८)

EN English Translation

O vajradhari, those with real deeds, those who drink somras and see indra! We know the wealth you have given to all hosts. (18)

卐 HinduText AI