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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 87 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 87 • ऋचा / मन्त्र 1

9.87.1

Mantra ID: 9.87.1

प्र तु द्र॑व॒ परि॒ कोशं॒ नि षी॑द॒ नृभिः॑ पुना॒नो अ॒भि वाज॑मर्ष । अश्वं॒ न त्वा॑ वा॒जिनं॑ म॒र्जय॒न्तोऽच्छा॑ ब॒र्ही र॑श॒नाभि॑र्नयन्ति ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.87.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! दौड़कर आओ और द्रोणकलश में बैठो. तुम ऋत्विजों द्वारा पवित्र होते हुए यजमान को अन्न दो. अध्वर्युजन यज्ञ में ले जाने के लिए सोम को जल द्वारा इस प्रकार साफ करते हैं, जिस प्रकार शक्तिशाली घोड़े को नहलाया जाता है. (१)

EN English Translation

Hey Mon! Come running and sit in the dronakalash. You, being sanctified by the ritvijs, give food to the host. To be taken to the Adhwaryujan Yajna, the som is cleaned by water in such a way as a powerful horse is bathed. (1)

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