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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 11 • Mantra 12

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 11 • मन्त्र 12

16.11.12

Mantra ID: 16.11.12

शिशुं जज्ञानँ हरिं मृजन्ति पवित्रे सोमं देवेभ्य इन्दुम् ॥ (१२)

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सामवेद मन्त्र 16.11.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! तुरंत पैदा हुए बच्चे को नहला कर जैसे साफ किया जाता है, वैसे ही यजमान आप को साफ करते हैं. आप को देवों के लिए छलनी में छाना जाता है. (१२)

EN English Translation

O Mon! Just as the child born immediately is bathed and cleaned, the host cleans you. You are filtered in a sieve for the gods. (12)

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