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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 11 • Mantra 13

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 11 • मन्त्र 13

16.11.13

Mantra ID: 16.11.13

उषो षु जातमप्तुरं गोभिर्भङ्गं परिष्कृतम् । इन्दुं देवा अयासिषुः ॥ (१३)

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सामवेद मन्त्र 16.11.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! देवगण आप का रस पीते हैं. उसे गाय के दूध और जल में मिला कर परिष्कृत किया गया है. वह चमकीला है. (१३)

EN English Translation

O Mon! Devgan drinks your juice. It has been refined by mixing it with cow's milk and water. He is bright. (13)

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