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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 12 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 12 • मन्त्र 6

16.12.6

Mantra ID: 16.12.6

कदा मर्त्तमराधसं पदा क्षुम्पमिव स्फुरत् । कदा नः शुश्रवद्गिर इन्द्रो अङ्ग ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 16.12.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप स्तुति न करने वालों को मामूली पौधों की तरह कब हटाएंगे? कब आप आराधना करने वाले हम लोगों की स्तुति सुनेंगे? (६)

EN English Translation

O Indra! When will you remove those who do not praise like minor plants? When will you hear the praise of us who worship? (6)

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