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सामवेद

Chapter / Prapathak 19 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 19 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 6

19.4.6

Mantra ID: 19.4.6

ता नः शक्तं पार्थिवस्य महो रायो दिव्यस्य । महि वा क्षत्रं देवेषु ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 19.4.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वरुण! आप हमें अपनी शक्ति दीजिए. आप हमें धरती और आकाश में फैला हुआ समस्त धन और क्षात्र तेज प्रदान करने की कृपा कीजिए. (६)

EN English Translation

O Varuna! You give us your power. Please give us all the wealth and kshatra radiance spread across the earth and the sky. (6)

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