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सामवेद

Chapter / Prapathak 19 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 19 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 9

19.4.9

Mantra ID: 19.4.9

युञ्जन्ति ब्रध्नमरुषं चरन्तं परि तस्थुषः । रोचन्ते रोचना दिवि ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 19.4.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सूर्य गतिशील दिखाई देते हैं, पर स्थिर हैं. वे अग्निस्वरूप हैं. हम उन की उपासना करते हैं. उन की किरणें समस्त स्वर्गलोक को प्रकाशित कर सुशोभित होती हैं. (९)

EN English Translation

The suns appear dynamic, but are stationary. They are agni forms. We worship them. Their rays illuminate the whole heaven and adorn them. (9)

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