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सामवेद

Chapter / Prapathak 23 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 8

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 23 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 8

23.4.8

Mantra ID: 23.4.8

सरूप वृषन्ना गहीमौ भद्रौ धुर्यावभि । ताविमा उप सर्पतः ॥ (८)

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सामवेद मन्त्र 23.4.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! कल्याणकारी सुंदर घोड़ों वाले रथ को धुरी पर चढ़ा कर हमारे पास पहुंचिए. (८)

EN English Translation

O Indra! Reach us by climbing the chariot with welfare beautiful horses on the axis. (8)

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