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सामवेद

Chapter / Prapathak 6 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 12

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 6 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 12

6.4.12

Mantra ID: 6.4.12

सहर्षभाः सहवत्सा उदेत विश्वा रूपाणी बिभ्रतीर्द्व्यूद्नीः । उरुः पृथुरयं वो अस्तु लोक इमा आपः सुप्रपाणा इह स्त ॥ (१२)

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सामवेद मन्त्र 6.4.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

कई रंगों वाली, बड़ेबड़े थनों (स्तनों) वाली गौएं, बछड़ों और बैलों के साथ हमें प्राप्त हों. यह पृथ्वीलोक महान व विशाल है. यह आप के निवास योग्य है. आप को यहां सुख से पीने योग्य जल प्राप्त हो. (१२)

EN English Translation

We should get cows with many colors, large breasts, calves and bulls. This earth is great and vast. It is habitable to you. You get potable water here happily. (12)

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