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सामवेद

Chapter / Prapathak 6 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 6 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 7

6.4.7

Mantra ID: 6.4.7

ततो विराडजायत विराजो अधि पूरुषः । स जातो अत्यरिच्यत पश्चाद्भूमिमथो पुरः ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 6.4.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

उस पुरुष से विराट्‌ (ब्रह्मांड) पुरुष उत्पन्न हुआ. उस से अन्य पुरुष उत्पन्न हुए. उस के बाद उस ने पशुपक्षियों और अन्य जीवों को उत्पन्न किया. (७)

EN English Translation

From that man, the universe man was born. Other men were born from it. After that he produced animals and other creatures. (7)

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