Kanda 10 • Sukta 7
Atharvaveda (अथर्ववेद)
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Kanda 10 • Sukta 7
कस्मि॒न्नङ्गे॒ तपो॑ अ॒स्याधि॑ तिष्ठति॒ कस्मि॒न्नङ्ग॑ ऋ॒तम॒स्याध्याहि॑तम् । क्व व्र॒तं क्व श्र॒द्धास्य॑ तिष्ठति॒ कस्मि॒न्नङ्गे॑ स॒त्यम॑स्य॒ प्रति॑ष्ठितम् ॥ (१)
हि हिन्दी अनुवाद
इस मनुष्य के किस अंग में तपस्या करने की शक्ति स्थित है? इस मनुष्य के किस अंग में सत्य भाषण की क्षमता स्थित है? इस मनुष्य के किस अंग में व्रत अर्थात् दृढ़ निश्चय और श्रद्धा, किस अंग में स्थित रहती है? इस मनुष्य के किस अंग में सत्य प्रतिष्ठित है? (१)
EN English Translation
In which part of this human being is the power to do penance? In which part of this human being is the capacity for true speech located? In which part of this man is the fast, that is, determination and faith, located in which part? In which part of this man is truth established? (1)
कस्मा॒दङ्गा॑द्दीप्यते अ॒ग्निर॑स्य॒ कस्मा॒दङ्गा॑त्पवते मात॒रिश्वा॑ । कस्मा॒दङ्गा॒द्वि मि॑मी॒तेऽधि॑ च॒न्द्रमा॑ म॒ह स्क॒म्भस्य॒ मिमा॑नो॒ अङ्ग॑म् ॥ (२)
हि हिन्दी अनुवाद
इस परमेश्वर के किस अंग से अग्नि दीप्त होती है? इस के किस अंग से वायु चलती है? चंद्रमा का निर्माण इस के किस अंग से हुआ है? वह चंद्रमा इस विश्वाधार से किस अंग को नापता है? (२)
EN English Translation
From which part of this God does agni glow? From which part of this does the air move? The moon is formed from which part of it? Which part does that moon measure from this universe? (2)
कस्मि॒न्नङ्गे॑ तिष्ठति॒ भूमि॑रस्य॒ कस्मि॒न्नङ्गे॑ तिष्ठत्य॒न्तरि॑क्षम् । कस्मि॒न्नङ्गे॑ तिष्ठ॒त्याहि॑ता॒ द्यौः कस्मि॒न्नङ्गे॑ तिष्ठ॒त्युत्त॑रं दि॒वः ॥ (३)
हि हिन्दी अनुवाद
इस परमात्मा के किस अंग में भूमि स्थित रहती है? इस के किस अंग में अंतरिक्ष होता है? यह दृढ़ द्यौ इस के किस अंग में स्थित है? ऊंचा स्वर्ग इस के किस अंग में स्थित है? (३)
EN English Translation
In which part of this God is the land located? Which part of it contains space? In which part of this rigid dyau is it located? In which part of this high heaven is it located? (3)
क्व प्रेप्स॑न्दीप्यत ऊ॒र्ध्वो अ॒ग्निः क्व प्रेप्स॑न्पवते मात॒रिश्वा॑ । यत्र॒ प्रेप्स॑न्तीरभि॒यन्त्या॒वृतः॑ स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (४)
हि हिन्दी अनुवाद
ऊपर की ओर चलने वाली अग्नि, कहां जाने की इच्छा से प्रज्वलित होती है? वायु कहां जाने की इच्छा करती हुई चलती हैं? आवागमन के चक्कर में पड़े हुए प्राणी जहां जाने की इच्छा से गतिशील हैं, उस जगदाधार का वर्णन करो कि वह कौन है. (४)
EN English Translation
The agni, moving upwards, ignites by the desire to go? Where does the air go? Where the creatures in the pursuit of movement are moving with the desire to go, describe who it is. (4)
क्वार्धमा॒साः क्व यन्ति॒ मासाः॑ संवत्स॒रेण॑ स॒ह सं॑विदा॒नाः । यत्र॒ यन्त्यृ॒तवो॒ यत्रा॑र्त॒वाः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (५)
हि हिन्दी अनुवाद
संवत्सर के साथ मिलते हुए अर्धमास अर्थात् पक्ष एवं मास कहां चले जाते हैं? ये ऋतुएं और ऋतुओं से संबंधित पदार्थ कहां चले जाते हैं? उस परमात्मा के विषय में बताओ कि वह क्या है? (५)
EN English Translation
Where do the ardhamas i.e. paksha and month go together with samvatsar? Where do these seasons and the substances related to the seasons go? Tell me about that God, what is He? (5)
क्व प्रेप्स॑न्ती युव॒ती विरू॑पे अहोरा॒त्रे द्र॑वतः संविदा॒ने । यत्र॒ प्रेप्स॑न्तीरभि॒यन्त्यापः॑ स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (६)
हि हिन्दी अनुवाद
परस्पर विरोधी रूप वाले युवा दिन और युवती रात कहां जाने की इच्छा से एकमत हो कर जाते हैं. जल जहां जाने की इच्छा से चले आ रहे हैं, उसी परमात्मा के विषय में बताओ कि वह कौन है? (६)
EN English Translation
The young men with conflicting forms agree on where they want to go day and night. Tell us about the same God, where water is coming with the desire to go, who is He? (6)
यस्मि॑न्त्स्त॒ब्ध्वा प्र॒जाप॑तिर्लो॒कान्त्सर्वाँ॒ अधा॑रयत् । स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (७)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस में स्थित रह कर प्रजापति समस्त लोकों को धारण करता है, उस परमात्मा के विषय में बताओ कि वह कौन है? (७)
EN English Translation
Tell me about the God in whom Prajapati resides and holds all the worlds, who is He? (7)
यत्प॑र॒मम॑व॒मं यच्च॑ मध्य॒मं प्र॒जाप॑तिः ससृ॒जे वि॒श्वरू॑पम् । किय॑ता स्क॒म्भः प्र वि॑वेश॒ तत्र॒ यन्न प्रावि॑श॒त्किय॒त्तद्ब॑भूव ॥ (८)
हि हिन्दी अनुवाद
प्रजापति ने उत्तम, अधम और मध्यम के रूप में संसार की सभी वस्तुओं और प्राणियों को बनाया है. इस संसार के कितने पदार्थ प्रजापति में प्रवेश कर चुके हैं? जो प्रवेश नहीं करता, वह कौन है? (८)
EN English Translation
Prajapati has created all the things and creatures of the world as the best, the middle and the middle. How many substances of this world have entered Prajapati? Who is the one who does not enter? (8)
किय॑ता स्क॒म्भः प्र वि॑वेश भू॒तं किय॑द्भवि॒ष्यद॒न्वाश॑येऽस्य । एकं॒ यदङ्ग॒मकृ॑णोत्सहस्र॒धा किय॑ता स्क॒म्भः प्र वि॑वेश॒ तत्र॑ ॥ (९)
हि हिन्दी अनुवाद
कितने पदार्थ भूतकाल में प्रवेश कर चुके हैं अर्थात् नष्ट हो चुके हैं? इस के आशय अर्थात् उदर में कितने पदार्थ होंगे? अर्थात् भविष्य में कितने पदार्थ उत्पन्न होंगे. इस ने अर्थात् परमात्मा ने अपने एक अंश को हजारों रूपों में प्रकट किया है, उस में कितने पदार्थो ने प्रवेश किया? (९)
EN English Translation
How many substances have entered the past i.e. destroyed? How many substances will be in the abdomen? That is, how many substances will be produced in the future. This, that is, God, has revealed a part of Himself in thousands of forms, how many substances entered it? (9)
यत्र॑ लो॒कांश्च॒ कोशां॒श्चापो॒ ब्रह्म॒ जना॑ वि॒दुः । अस॑च्च॒ यत्र॒ सच्चा॒न्त स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१०)
हि हिन्दी अनुवाद
ज्ञानी लोग जानते है कि जहां लोक और कोष निवास करते हैं तथा जहां जल एवं ब्रह्म स्थित हैं, सत्य और असत्य दोनों प्रकार के पदार्थ जहां स्थित हैं, उस परमात्मा के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१०)
EN English Translation
The wise people know that where the world and the treasury reside and where water and Brahman are located, where both true and false substances are located, tell us about that God, who is He? (10)
यत्र॒ तपः॑ परा॒क्रम्य॑ व्र॒तं धा॒रय॒त्युत्त॑रम् । ऋ॒तं च॒ यत्र॑ श्र॒द्धा चापो॒ ब्रह्म॑ स॒माहि॑ताः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (११)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस को आधार बना कर तपस्या का विधान किया जाता है एवं उत्तम वृत्तों का निर्वाह होता है, जिस में सत्य श्रद्धा जल एवं ब्रह्म व्याप्त हैं, उस परमात्मा के विषय में बताओ कि वह कौन है? (११)
EN English Translation
On the basis of which the law of penance is made and the best circles are maintained, in which true faith, water and Brahman are prevalent, tell us about that God, who is He? (11)
यस्मि॒न्भूमि॑र॒न्तरि॑क्षं॒ द्यौर्यस्मि॒न्नध्याहि॑ता । यत्रा॒ग्निश्च॒न्द्रमाः॒ सूर्यो॒ वात॑स्तिष्ठ॒न्त्यार्पि॑ताः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१२)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस के आधार पर भूमि, आकाश और स्वर्ग टिके हुए हैं तथा अग्नि, चंद्रमा, सूर्य और वायु जिस में अर्पित हो कर स्थित है, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कोन है? (१२)
EN English Translation
Tell us of the God on whose basis the land, the sky, and the heavens rest, and the God in whom the agni, the moon, the sun, and the air are offered, who is He? (12)
यस्य॒ त्रय॑स्त्रिंशद्दे॒वा अङ्गे॒ सर्वे॑ स॒माहि॑ताः । स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१३)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस के अंग में सभी तैंतीस देव समाए हुए हैं, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१३)
EN English Translation
Tell me of the God in whose body all the thirty-three gods are encompassed, who is He? (13)
यत्र॒ ऋष॑यः प्रथम॒जा ऋचः॒ साम॒ यजु॑र्म॒ही । ए॑क॒र्षिर्यस्मि॒न्नार्पि॑तः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१४)
हि हिन्दी अनुवाद
पूर्ववर्ती ऋषि, ऋचाएं, साममंत्र, यजुर्वेद के मंत्र तथा महती ब्रह्मविद्या जिस में स्थित है एवं एक ऋषि जिस में समाया हुआ है, उस परमात्मा के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१४)
EN English Translation
Tell us about the previous sage, riches, sammantra, yajurveda mantras and mahati brahmavidya in which a sage is situated and in which a sage is immersed, who is he? (14)
यत्रा॒मृतं॑ च मृ॒त्युश्च॒ पुरु॒षेऽधि॑ स॒माहि॑ते । स॑मु॒द्रो यस्य॑ ना॒ड्यः पुरु॒षेऽधि॑ स॒माहि॑ताः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१५)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस आदि पुरुष में अमृत और मृत्यु स्थित हैं तथा सागर जिस आदि पुरुष की नाड़ियों में समाया हुआ है, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१५)
EN English Translation
Tell me about the God in whom nectar and death are located and the ocean is contained in the veins of the first man, who is He? (15)
यस्य॒ चत॑स्रः प्र॒दिशो॑ ना॒ड्यस्तिष्ठ॑न्ति प्रथ॒माः । य॒ज्ञो यत्र॒ परा॑क्रान्तः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१६)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस आदि पुरुष के शरीर में प्रथम कल्पित पूर्व, पश्चिम आदि चार दिशाएं नाड़ियों के रूप में स्थित है तथा यज्ञ जहां पराक्रम करता है, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१६)
EN English Translation
Tell us about the God in whose body the first imagined east, west, etc. are located in the form of nadis and where the yajna does the might, tell me who he is? (16)
ये पुरु॑षे॒ ब्रह्म॑ वि॒दुस्ते वि॑दुः परमे॒ष्ठिन॑म् । यो वेद॑ परमे॒ष्ठिनं॒ यश्च॒ वेद॑ प्र॒जाप॑तिम् । ज्ये॒ष्ठं ये ब्राह्म॑णं वि॒दुस्ते॑ स्क॒म्भम॑नु॒संवि॑दुः ॥ (१७)
हि हिन्दी अनुवाद
जो इस आदि पुरुष में ब्रह्म को स्थित जानते हैं, वे परमेष्ठी को जानते हैं. जो परमेष्ठी एवं प्रजापति को जानता है तथा जो उत्तम ब्राह्मण को जानता है, वह परमात्मा को भलीभांति जानता है. (१७)
EN English Translation
Those who know Brahman in this adi purusha know Parameshti. He who knows Parmeshti and Prajapati and who knows the best Brahmin knows God well. (17)
यस्य॒ शिरो॑ वैश्वान॒रश्चक्षु॒रङ्गि॑र॒सोऽभ॑वन् । अङ्गा॑नि॒ यस्य॑ या॒तवः॑ स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१८)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस का शीश वैश्वानर अग्नि और नेत्र अंगिरस हुए, जिस के अंग ही राक्षस बने, उस परमात्मा के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१८)
EN English Translation
Tell me about the God whose head is The Vaishvanar Agni and the Eyes Are Angiras, whose organs become demons, whose eyes are Who is He? (18)
यस्य॒ ब्रह्म॒ मुख॑मा॒हुर्जि॒ह्वां म॑धुक॒शामु॒त । वि॒राज॒मूधो॒ यस्या॒हुः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१९)
हि हिन्दी अनुवाद
ब्रह्म जिस का मुख कहा गया है, मधुकशा जिस की जीभ बताई गई है एवं विराट् ऐन कहा गया है, उस ब्रह्म के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१९)
EN English Translation
Brahman, whose face has been said, Madhukasha whose tongue has been told and Virat Ain has been said, tell me about that Brahman, who is he? (19)
यस्मा॒दृचो॑ अ॒पात॑क्ष॒न्यजु॒र्यस्मा॑द॒पाक॑षन् । सामा॑नि॒ यस्य॒ लोमा॑न्यथर्वाङ्गि॒रसो॒ मुखं॑ स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (२०)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस से ऋचाएं बनीं एवं जिस से यजुर्वेद के मंत्र बने, सामवेद के मंत्र जिस के रोम एवं अथर्ववेद के मंत्र जिस का मुख है, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कौन है? (२०)
EN English Translation
Tell us about the God from whom the hymns are formed and from which the mantras of yajurveda are formed, the mantras of Samaveda, whose face is the mantra of Rome and Atharvaveda, whose face is he? (20)
असच्छा॒खां प्र॒तिष्ठ॑न्तीं पर॒ममि॑व॒ जना॑ विदुः । उ॒तो सन्म॑न्य॒न्तेऽव॑रे॒ ये ते॒ शाखा॑मु॒पास॑ते ॥ (२१)
हि हिन्दी अनुवाद
असत् अर्थात् निराकार से उत्पन्न हुई शाखा स्थित है. मनुष्य उसी को सब से श्रेष्ठ तत्त्व मानते हैं तथा उस शाखा की उपासना करते हैं. (२१)
EN English Translation
The branch originating from the formless is located. Human beings consider him to be the best element and worship that branch. (21)
यत्रा॑दि॒त्याश्च॑ रु॒द्राश्च॒ वस॑वश्च स॒माहिताः॑ । भू॒तं च॒ यत्र॒ भव्यं॑ च॒ सर्वे॑ लो॒काः प्रति॑ष्ठिताः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (२२)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस में बारह आदित्य, एकादश रुद्र और आठ वसु समाए हुए हैं, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कौन है. (२२)
EN English Translation
Tell us about the God in whom twelve Adityas, eleventh Rudra and eight Vasus are included. (22)
यस्य॒ त्रय॑स्त्रिंशद्दे॒वा नि॒धिं रक्ष॑न्ति सर्व॒दा । नि॒धिं तम॒द्य को वे॑द॒ यं दे॑वा अभि॒रक्ष॑थ ॥ (२३)
हि हिन्दी अनुवाद
तैंतीस देवता सदा जिस की निधि अर्थात् खजाने की रक्षा करते हैं, हे देवो! जिस की निधि की तुम रक्षा करते हो, आज उसे कौन जानता है? (२३)
EN English Translation
Thirty-three gods always protect the treasure, O Devo! Who knows the treasure you protect today? (23)
यत्र॑ दे॒वा ब्र॑ह्म॒विदो॒ ब्रह्म॑ ज्ये॒ष्ठमु॒पास॑ते । यो वै तान्वि॒द्यात्प्र॒त्यक्षं॒ स ब्र॒ह्मा वेदि॑ता स्यात् ॥ (२४)
हि हिन्दी अनुवाद
उस ब्रह्म को जानने वाले देव ज्येष्ठ ब्रह्म की उपासना करते हैं, जो उस ब्रह्म को निश्चित रूप से जानता है, वह ब्रह्म हो सकता है. (२४)
EN English Translation
The god who knows that Brahman worships Jyeshtha Brahma, who knows that Brahman for sure, he can be Brahman. (24)
बृ॒हन्तो॒ नाम॒ ते दे॒वा येऽस॑तः॒ परि॑ जज्ञि॒रे । एकं॒ तदङ्गं॑ स्क॒म्भस्यास॑दाहुः प॒रो जनाः॑ ॥ (२५)
हि हिन्दी अनुवाद
वे बृहत् नाम के देव हैं, जो असत् अर्थात् प्रकृति से उत्पन्न हुए हैं. लोक उन्हें श्रेष्ठ कहता है. (२५)
EN English Translation
He is the god of the great name, who is born from asat i.e. nature. People call them superior. (25)
यत्र॑ स्क॒म्भः प्र॑ज॒नय॑न्पुरा॒णं व्यव॑र्तयत् । एकं॒ तदङ्गं॑ स्क॒म्भस्य॑ पुरा॒णम॑नु॒संवि॑दुः ॥ (२६)
हि हिन्दी अनुवाद
जहां परमात्मा पुराण पुरुष को उत्पन्न करता हुआ विस्तृत करता है, उस परमात्मा के एक अंग को ज्ञानी जन पुराण के नाम से ही जानते हैं. (२६)
EN English Translation
Where The Buddha expands the creation of a man, one part of that God is known only by the name of the Knowledgeable Jan Purana. (26)
यस्य॒ त्रय॑स्त्रिंशद्दे॒वा अङ्गे॒ गात्रा॑ विभेजि॒रे । तान्वै त्रय॑स्त्रिंशद्दे॒वानेके॑ ब्रह्म॒विदो॑ विदुः ॥ (२७)
हि हिन्दी अनुवाद
जिस के शरीर के अवयवों में तैंतीस देवता अलगअलग निवास करते हैं, उन तैंतीस देवों को केवल वे ही जानते हैं जो ब्रह्म के ज्ञाता हैं. (२७)
EN English Translation
In whose body parts thirty-three gods reside separately, only those thirty-three gods know those who are the knowers of Brahman. (27)
हि॑रण्यग॒र्भं प॑र॒मम॑नत्यु॒द्यं जना॑ विदुः । स्क॒म्भस्तदग्रे॒ प्रासि॑ञ्च॒द्धिर॑ण्यं लो॒के अ॑न्त॒रा ॥ (२८)
हि हिन्दी अनुवाद
लोग हिरण्यगर्भ को महान और श्रेष्ठ जानते हैं. परमात्मा ने ही इस संसार के मध्य उस हिरण्यगर्भ को बनाया था. (२८)
EN English Translation
People know Hiranyagarbha to be great and superior. It was God who created that Hiranyagarbha in the midst of this world. (28)
स्क॒म्भे लो॒काः स्क॒म्भे तपः॑ स्क॒म्भेऽध्यृ॒तमाहि॑तम् । स्कम्भं॒ त्वा वे॑द प्र॒त्यक्ष॒मिन्द्रे॒ सर्वं॑ स॒माहि॑तम् ॥ (२९)
हि हिन्दी अनुवाद
उस परमात्मा में समस्त लोक, तप और ऋत अर्थात् सत्य समाया हुआ है. हे परमात्मा! मैं तुझे प्रत्यक्ष रूप से जानता हूं. इंद्र में ही यह सब समाया हुआ है. (२९)
EN English Translation
In that God, all the worlds, penance and rit i.e. truth are contained. O God! I know you directly. All this is contained in Indra. (29)
इन्द्रे॑ लो॒का इन्द्रे॒ तप॒ इन्द्रे॑ऽध्यृ॒तमाहि॑तम् । इन्द्रं॒ त्वा वे॑द प्र॒त्यक्षं॑ स्क॒म्भे सर्वं॒ प्रति॑ष्ठितम् ॥ (३०)
हि हिन्दी अनुवाद
इंद्र में समस्त लोक, तप और ऋत अर्थात् सत्य समाया हुआ है. हे इंद्र! मैं तुझे प्रत्यक्ष रूप से जानता हूं. परमात्मा में ही यह सब समाया हुआ है. (३०)
EN English Translation
Indra contains all the world, penance and rit i.e. truth. O Indra! I know you directly. All this is contained in God. (30)