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अथर्ववेद

Kanda 14 • Sukta 1 • Mantra 56

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 14 • सूक्त 1 • मन्त्र 56

14.1.56

Mantra ID: 14.1.56

इ॒दं तद्रू॒पंयदव॑स्त॒ योषा॑ जा॒यां जि॑ज्ञासे॒ मन॑सा॒ चर॑न्तीम् । तामन्व॑र्तिष्ये॒सखि॑भि॒र्नव॑ग्वैः॒ क इ॒मान्वि॒द्वान्वि च॑चर्त॒ पाशा॑न् ॥ (५६)

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अथर्ववेद मन्त्र 14.1.56 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इस रूप को योषा धारण करती है. मैं योषा को जानता हूं. मैं इस की नवीन चाल वाली सखियों के अनुसार चलूंगा. यह केश विन्यास किस विद्वान्‌ ने किया है. (५६)

EN English Translation

Yosha wears this form. I know Yosha. I will go by the sakhis with this new trick. Which scholar has done this hairstyle? (56)

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