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20.96.2
तुभ्यं॑ सु॒तास्तुभ्य॑मु॒ सोत्वा॑स॒स्त्वां गिरः॒ श्वात्र्या॒ आ ह्व॑यन्ति । इन्द्रे॒दम॒द्य सव॑नं जुषा॒णो विश्व॑स्य वि॒द्वाँ इ॒ह पा॑हि॒ सोम॑म् ॥ (२)
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अथर्ववेद मन्त्र 20.96.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! इस सोमरस को तुम्हारे लिए ही छाना गया है. ये स्तुतियां तुम्हारा ही आह्वान करती हैं. तुम सब को जानने वाले हो. हमारे यज्ञ में आ कर तुम सोमरस का पान करो. (२)
EN English Translation
O Indra! This somerasa has been filtered for you only. These praises call upon you. You all know. Come to our yajna and drink someras. (2)