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अथर्ववेद

Kanda 1 • Sukta 22 • Mantra 2

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 1 • सूक्त 22 • मन्त्र 2

1.22.2

Mantra ID: 1.22.2

परि॑ त्वा॒ रोहि॑तै॒र्वर्णै॑र्दीर्घायु॒त्वाय॑ दध्मसि । यथा॒यम॑र॒पा अस॒दथो॒ अह॑रितो॒ भुव॑त् ॥ (२)

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अथर्ववेद मन्त्र 1.22.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे व्याधिग्रस्त पुरुष! तेरी दीर्घायु के लिए हम तुझे गाय के समान लाल रंग से ढकते हैं. यह पुरुष पापरहित हो कर कामला आदि रोगों के कारण होने वाले शरीर के पीले रंग से छूट जाए. (२)

EN English Translation

O diseased man! For your longevity, we cover you with red color like a cow. This man should be free from the yellow color of the body caused by diseases like Kabala etc. (2)

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