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अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 1 • Mantra 28

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 1 • मन्त्र 28

10.1.28

Mantra ID: 10.1.28

ए॒तद्धि शृ॒णु मे॒ वचोऽथे॑हि॒ यत॑ ए॒यथ॑ । यस्त्वा॑ च॒कार॒ तं प्रति॑ ॥ (२८)

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अथर्ववेद मन्त्र 10.1.28 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे कृत्या! मेरी यह बात सुन. तू जहां से यहां आई है और जिस ने तेरा निर्माण किया है, तू वहीं जा. (२८)

EN English Translation

O act! Listen to me this. Go where you came from and who created you. (28)

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