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अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 1 • Mantra 7

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 1 • मन्त्र 7

10.1.7

Mantra ID: 10.1.7

यस्त्वो॒वाच॒ परे॒हीति॑ प्रति॒कूल॑मुदा॒य्यम् । तं कृ॑त्येऽभि॒निव॑र्तस्व॒ मास्मानि॑च्छो अना॒गसः॑ ॥ (७)

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अथर्ववेद मन्त्र 10.1.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे कृत्या! जिस ने तुझे आदेश दिया कि दूर जा. उस ने हमारे प्रतिकूल आचरण किया है. तू उसी के पास लौट जा तथा हम निरपराधों की इच्छा मत कर. (७)

EN English Translation

O act! Who ordered you to go away. He has behaved against us. Go back to Him and do not desire us innocent. (7)

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