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10.2.26
मू॒र्धान॑मस्य सं॒सीव्याथ॑र्वा॒ हृद॑यं च॒ यत् । म॒स्तिष्का॑दू॒र्ध्वः प्रैर॑य॒त्पव॑मा॒नोऽधि॑ शीर्ष॒तः ॥ (२६)
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अथर्ववेद मन्त्र 10.2.26 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
अथर्वा ने मूर्धा और हृदय की एकरूपता स्थापित की. इस ऊपर गमन करने वाले पवन ने मस्तिष्क के द्वारा उत्तम प्रेरणा प्रदान की. (२६)
EN English Translation
Atharva established the uniformity of the heart and the heart.