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10.3.20
यथा॒ यशः॑ क॒न्यायां॒ यथा॒स्मिन्त्संभृ॑ते॒ रथे॑ । ए॒वा मे॑ वर॒णो म॒णिः की॒र्तिं भूतिं॒ नि य॑च्छतु । तेज॑सा मा॒ समु॑क्षतु॒ यश॑सा॒ सम॑नक्तु मा ॥ (२०)
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अथर्ववेद मन्त्र 10.3.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
कन्या में और भरे हुए रथ में जिस प्रकार यश व्याप्त है, वरण वृक्ष से निर्मित यह मणि मुझे उसी प्रकार यश और ऐश्वर्य प्रदान करे. (२०)
EN English Translation
Just as fame is prevalent in the girl and in the full chariot, may this gem made of varan tree give me fame and opulence in the same way. (20)