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10.5.39
स॑प्तऋ॒षीन॒भ्याव॑र्ते । ते मे॒ द्रवि॑णं यच्छन्तु॒ ते मे॑ ब्राह्मणवर्च॒सम् ॥ (३९)
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अथर्ववेद मन्त्र 10.5.39 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
मैं सप्त ऋषियों का अनुवर्तन करता हूं. वे मुझे धन प्रदान करें एवं ब्रह्म तेज दें. (३९)
EN English Translation
I follow the Sapta Rishis. They should give me money and give Brahm tej. (39)