Popular:
अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 7 • Mantra 41

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 7 • मन्त्र 41

10.7.41

Mantra ID: 10.7.41

यो वे॑त॒सं हि॑र॒ण्ययं॑ तिष्ठन्तं सलि॒ले वेद॑ । स वै गुह्यः॑ प्र॒जाप॑तिः ॥ (४१)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 10.7.41 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जल में सोने का बेंत ठहरा हुआ है. जो इस बात को जानता है, वही गुप्त प्रजापति है. (४१)

EN English Translation

There is a gold cane in the water. The one who knows this is the secret Prajapati. (41)

卐 HinduText AI